उज्जैन के ख्यातिप्राप्त एवं अनुभवी वैदिक विद्वान हैं, जो पिछले 8 वर्षों से विविध ग्रह दोष निवारण पूजन, मंत्र-जाप, यज्ञ-अनुष्ठान एवं धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने वेद, ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मशास्त्र की विधिवत शिक्षा प्राप्त की है तथा अब तक हजारों श्रद्धालुओं को कुंडली दोष, विवाह में विलंब, पारिवारिक कलह, स्वास्थ्य बाधा, व्यापारिक असफलता आदि समस्याओं से मुक्ति दिलाई है। पंडित जी विशेष रूप से मंगल दोष पूजा, काल सर्प दोष निवारण, नवग्रह शांति, महामृत्युंजय जाप, बगलामुखी अनुष्ठान, वास्तु शांति एवं श्रीभागवत मूल पाठ जैसे शास्त्र सम्मत पूजनों में निपुण हैं। उनकी पूजा में मंत्रों की शुद्धता, विधि की पवित्रता और भाव की गंभीरता स्पष्ट रूप से अनुभव की जा सकती है। जन्मकुंडली फलादेश द्वारा उचित मार्गदर्शन एवं विशेष रूप से ग्रहों की शांति हेतु अनुष्ठान किए जाते हैं।
पौरानिक महत्व :-
इंद्र के मेघों (बादलों) के राजा ने जब पृथ्वी पर अनियंत्रित वर्षा (बाढ़ या
सुखा) करनी शुरू कर दी, तब भगवान शिव ने उन्हें महाकाल बन (उज्जैन )में शिवलिंग की पूजा करने का आदेश दिया, जिससे मेघों को समृद्धि मिली या वे नियंत्रित होकर वर्षा करने लगें |
पूजा करने का फल ( वरदान ) :-
यहाँ रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय अनुष्ठान पूजन करने वाले भक्तों को पृथ्वी पर उत्तम अन्न, पुत्र ,शीग्र विवाह,
शीग्र वर वधु का वरण भी होता है और
ऋण से मुक्ति भी मिलती है |
इसकी पूजा से भक्त प्राकृतिक आपदाओ से बचते रहते हैं
44/84 श्री उतरेश्वर महादेव यात्रा का एक महात्वपूर्ण पड़ाव है जिससे पिछले जन्मों के पापो से मुक्ति या मोक्ष की प्राप्ति होती है |
यहाँ के शासकीय पुजारी पंडित भृगदेव पाण्डेय है|